गणतंत्र दिवस 2021: राजपथ पर दिखी भारत की ताकत व सांस्कृतिक विरासत की झलक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड से पहले नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी रहे. 

- Aditya_chauhan

भारत आज (26 जनवरी 2021) अपना 72वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) मना रहा है. 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था और इसी के उपलक्ष्य में हर साल देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस मौके पर दिल्ली के राजपथ पर परेड निकली. अलग-अलग राज्यों की झलकियों के साथ देश की सेना की ताकत यहां दिखाई दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड से पहले नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी रहे. इसके बाद उन्होंने राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया. राजपथ पर भारत ने परेड के जरिए दुनिया को अपनी शक्ति की झलक दिखाई.

परेड का समापन

परेड का समापन एकल राफेल विमान के फ्लाईपास्ट के साथ हुआ. इसने आसमान में 900 किमी / घंटा की रफ्तार से वर्टिकल चार्ली की फॉर्मेशन बनाई. इसे शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने उड़ाया. उनका साथ 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्कवाड्रन लीडर किसलयकांत ने दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड से पहले नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी रहे. इसके बाद उन्होंने राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया. राजपथ पर भारत ने परेड के जरिए दुनिया को अपनी शक्ति की झलक दिखाई.

परेड का समापन

परेड का समापन एकल राफेल विमान के फ्लाईपास्ट के साथ हुआ. इसने आसमान में 900 किमी / घंटा की रफ्तार से वर्टिकल चार्ली की फॉर्मेशन बनाई. इसे शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने उड़ाया. उनका साथ 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्कवाड्रन लीडर किसलयकांत ने दिया.

परेड में कोई मुख्य अतिथि नहीं

बता दें कि इस बार परेड में कोई मुख्य अतिथि नहीं है. कोरोना महामारी के कारण ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने अपनी यात्रा रद कर दी है. इससे पहले साल 1952, साल 1953 और साल 1966 में भी गणतंत्र दिवस परेड के लिए कोई मुख्य अतिथि नहीं था.

आईटीबीपी जवानों ने मनाया गणतंत्र दिवस

आईटीबीपी ने लद्दाख में 17,000 फीट की ऊंचाई पर -25°C तापमान में गणतंत्र दिवस मनाते जवानों का वीडियो शेयर किया है. इसमें जवान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'आईटीबीपी की जय' के नारे लगाते दिख रहे हैं. वहीं, आईटीबीपी के जवान तिरंगे के साथ लद्दाख में जमे हुए जलस्रोत पर मार्च करते हुए भी दिखे.

झांकी में दिखा राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को प्रदर्शित किया गया. इसमें महर्षि वाल्मीकि को रामायण की रचना करते हुए दर्शाया गया. इसके अलावा झांकी में अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की झलक भी दिखाई दी. झांकी के अगले हिस्से में महर्षि वाल्मीकि की एक प्रतिमा विराजमान थी. इसके पीछे राम मंदिर का प्रारूप मौजूद था.

पहली बार दिखी लद्दाख की झांकी

राजपथ पर झांकियों में सबसे पहले झांकी , संघ शासित प्रदेश लद्दाख की झांकी है जो केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत कर रही है. लद्दाख राज्य के शांतिप्रिय और संतोषी लोग अपनी समृदध संस्कृति पर गौरवान्वित हैं और केंद्र शासित दर्जें का आनंद उठा रहे हैं. यह झांकी लद्दाख  को संघ शासित प्रदेश घोषित करने के बाद लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल स्टेट बनाकर विश्व के लिए उदाहरणात्मक प्रदेश के विजन पर केंद्रित है.

बांग्लादेश के सशस्त्र बलों की टुकड़ी ने हिस्सा लिया

राजपथ में परेड में बांग्लादेश के सशस्त्र बलों की टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया. इस टुकड़ी में बांग्लादेश के 122 जवान शामिल हैं. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के पचास साल पूरे होने पर बांग्लादेश के सशस्त्र बलों की टुकड़ी परेड में शामिल हुई है. यह तीसरा मौका है जब किसी अन्य देश की सैन्य टुकड़ी यहां गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रही है. इससे पहले साल 2016 में फ्रांस और साल 2017 में सुयक्त अरब अमीरात की सैन्य टुकड़ी ने हिस्सा लिया था.

युद्धक टैंक टी-90 (भीष्म)

राजपथ पर युद्धक टैंक टी-90 (भीष्म) ने अपना जलवा बिखेरा. यह मुख्य युद्धक टैंक, हंटर-किलर सिद्धांत पर कार्य करता है. यह 125 मिमी की शक्तिशाली स्मूथ बोर गन, 7.62 मिमी को-एक्सिल मशीन गन और 12.7 मिमी वायुयानरोधी गन से लैस है.

राजपथ पर फहराया गया तिरंगा

72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राजपथ पर तिरंगा फहराया गया. तिरंगा फहराए जाने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई और गणतंत्र दिवस परेड की शुरूआत हो गई. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नैशनल वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की थी.

दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पूरी राजधानी अभेद्य किले में तब्दील हो गई है. जमीन से लेकर आसमान तक कड़ा पहरा है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पैरा मिलिट्री तैनात है. 25 जनवरी रात 12 बजे से ही दिल्ली की सभी  सीमाएं सील कर दी गई हैं.

शारीरिक दूरी के नियमों का पालन

कोरोना के मद्देनजर शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है. थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर और फेस मास्क की भी व्यवस्था की गई है. इसके चलते केवल 25,000 लोगों को राजपथ पर समारोह देखने के लिए आने की अनुमति दी गई है. आम तौर पर हर साल होने वाले इस आयोजन में एक लाख से अधिक दर्शक शामिल होते हैं.

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