अंटार्कटिका से संबंधित महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य
Important Geographical Facts about Antarctica in Hindi

अंटार्कटिका पृथ्वी का पांचवां सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह एकमात्र महाद्वीप है जो अलग और शून्य आबादी वाला है। औसत रूप से अंटार्कटिका, विश्व का सबसे ठंडा, शुष्क और तेज हवाओं वाला महाद्वीप है। यह तीन महासागरों - भारत महासागरप्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर से घिरा हुआ है। इस भूमि से पूरे विश्व का 1820 में परिचय कराने का श्रेय रूसी अभियान कर्ता मिखाइल पेट्रोविच लाज़ारेव और फैबियन गॉटलिएब वॉन बेलिंगशौसेन को जाता है। रामचरण जी 1960 में अंटार्कटिका पहुंचेवाले पहले भारतीय थे।

अंटार्कटिका से संबंधित महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य

1. अंटार्कटिका की 98% भाग बर्फ से ढकी हुई है जिसको बर्फ शीट कहते हैं । बर्फ शीट की औसत मोटाई 2-5 कि.मी है।

2. इस महाद्वीप पर कोई तटीय मैदान नहीं है और केवल 2% हिस्सा गर्मियों में बर्फ मुक्त हो जाता है

3. अंटार्कटिका की पामर प्रायद्वीप जो कुछ हद तक बर्फ मुक्त है।

4. इसे 'गतिशील या सक्रिय महाद्वीप' के रूप में जाना जाता है क्योंकि अंटार्कटिका का आकार मौसम के परिवर्तन के साथ बदलता है।

5. विदा अंटार्कटिका की खारे पानी का झील है जो 19 मीटर मोटी बर्फ से ढकी हुई है। इसकी लवणता मृत सागर के बराबर है।

6. रानी मौड रेंज महाद्वीप को भागों में विभाजित करती है। यहाँ व्यापक कोयला भंडार शामिल हैं।

7. माउंट विंसन मासिफ अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी है।

8. माउंट एरेबस अंटार्कटिका का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।

9. यहाँ 22 मार्च से 23 सितंबर तक सूर्योदय नहीं होता है और यह 24 सितंबर और 21 मार्च के बीच यहाँ सूर्यास्त नहीं होता है।

10. वनस्पति: लाइकेन और मोस यहाँ की मुख्य वनस्पति हैं।

 11. पेंगुइन जो प्रसिद्ध उड़ानहीन पक्षी है इसी महाद्वीप पर पायी जाती है।

12. क्रिल नामक मछली की प्रजाति यहाँ प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। ये समूह में रहते हैं और इनके समूह को शॉल कहा जाता है।

13. खनिज भंडार: सोनेचांदीकॉपरकोयलामैंगनीजयूरेनियमप्लैटिनमक्रोमियम इत्यादि यहाँ प्रचुर मात्रा में मिलती हैं लेकिन अभी तक वाणिज्यिक रूप से इसका फायदा नहीं उठाया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्राकृतिक कठिनाइयों के अलावा इस महाद्वीप पर किसी भी देश का स्वामित्व नहीं है।

14. इस महाद्वीप को ‘विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप’ भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ विभिन्न देशों के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र हैं जो महाद्वीप की संरचना, जलवायु, जीवाश्म पर्यावरण, खनिज, वनस्पति पर्यावरण विज्ञान, भूविज्ञान आदि पर शोध करने के लिए बनाया गया है।

15. 1984 में, भारत ने इस महाद्वीप की संरचना, जलवायु, जीवाश्म पर्यावरण, खनिज और वनस्पति इत्यादि का अध्ययन करने के लिए 'दक्षिणी गंगोत्री' नामक केंद्र स्थापित किया था जो अब पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।

16. दिसंबर 1987 में, भारत ने पर्यावरण विज्ञान, भूविज्ञान आदि पर शोध करने के लिए 'मैत्री' नामक एक शोध केंद्र की स्थापना की थी।

17. भारत ने 18 मार्च 2012 को लार्समन पहाड़ी में समुद्र विज्ञान और महाद्वीपीय टूटने की घटना का अध्ययन करने के लिए अपना तीसरा शोध केंद्र 'भारती' की स्थापना की थी।

अंटार्कटिका पृथ्वी का सबसे ठंडा स्थान है। अंटार्कटिका का पूर्वी भाग, पश्चिमी भाग की अपेक्षा अधिक उंचाई में स्थित होने के कारण अपेक्षाकृत अधिक ठंडा है। इस दूरस्थ महाद्वीप में मौसम शायद ही कभी प्रवेश करता है इसीलिए इसका केंद्रीय भाग हमेशा ठंडा और शुष्क रहता है।

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