केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ान के किराये में 30 प्रतिशत तक का किया इजाफा

केंद्र सरकार ने घरेलू विमान यात्रा किराया की निचली व ऊपरी सीमा में 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की दी है. नागरिक विमानन मंत्रालय ने 11 फरवरी 2021 को कहा कि नई सीमा इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगी. सरकार के इस कदम से घरलू हवाई किराया 10 से 30 प्रतिशत ज्यादा महंगा हो गया है.

सरकार ने अलग-अलग रूट्स के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया (Minimum and Maximum Fare) तय कर दिया है. न्यूनतम किराए में 10 प्रतिशत तक और अधिकतम किराए में 30 प्रतिशत तक की बढोतरी कर दी है. वहीं सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि 31 मार्च 2021 तक घरेलू उड़ान का परिचालन 80 प्रतिशत क्षमता के साथ होता रहेगा.

मुख्य बिंदु

मंत्रालय ने पिछले साल 21 मई को अनुसूचित घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए उड़ान की अवधि के आधार पर वर्गीकृत सात ‘बैंड’ के जरिये हवाई किराए पर सीमाएं लगाई थीं.

इस तरह के पहले बैंड में 40 मिनट की अवधि से कम की उड़ानें आती हैं. पहले बैंड की निचली सीमा 11 फरवरी को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,200 रुपये कर दी गई. इस बैंड की ऊपरी सीमा 7,800 रुपये तय की गई जो पहले 6,000 रुपये थी.

बाद के बैंड 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट, 120-150 मिनट, 150-180 मिनट और 180-210 मिनट की अवधि वाले उड़ानों के लिए हैं.

मंत्रालय द्वारा इन बैंड के लिए निर्धारित की गई नई निचली और ऊपरी सीमाएं क्रमश: 2,800- 9,800; 3,300 - 11,700; 3,900 - 13,000; 5,000- 16,900; 6,100- 20,400; 7,200 - 24,200 रुपये है. अब तक, इन बैंड के लिए निचली और ऊपरी सीमाएं क्रमश: 2,500- 7,500; 3,000 - 9,000; 3,500 -10,000; 4,500 - 13,000; 5,500- 15,700 और 6,500- 18,600 रुपये थी.

पृष्ठभूमि

कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के कारण दो महीने के अंतराल के बाद, मंत्रालय ने 25 मई, 2020 से घरेलू यात्री सेवाओं को फिर से शुरू किया था. हालांकि, एयरलाइंस को पूर्व-कोविड ​​घरेलू उड़ानों का 33 प्रतिशत से अधिक के संचालन की अनुमति नहीं थी.

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